आचार्य डॉ. महेशचंद्र जोशी द्वारा लिखित “गणेश पुराण” दो खंडों में है, जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक विचारधारा के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। यह पुराण भगवान गणेश की महिमा, उनके लीलाओं, पूजा विधान और धार्मिक महत्व पर ध्यान केंद्रित करता है।
गणेश पुराण के दो खंडों में, आचार्य डॉ. महेशचंद्र जोशी ने भगवान गणेश के जीवन के विविध पहलुओं, उनके प्रत्यक्ष और गैर-प्रत्यक्ष रूपों, उनके परिवार के सदस्यों, उनकी कथाओं, वाहनों, उनके मंत्रों और उनकी पूजा के बारे में विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया है।
डॉ. महेशचंद्र जोशी की इस कृति में गणेश पुराण के विभिन्न पहलुओं का विशेष विश्लेषण किया गया है, जिससे पाठक गणेश भगवान के आदर्श, धार्मिक सिद्धांत और पूजा-विधान को समझने में सहायक हो सकते हैं। यह पुस्तक गणेश भक्तों और धार्मिक पाठकों के लिए महत्वपूर्ण रही है, जो इस दिव्य देवता की महिमा और पूजा में विश्वास रखते हैं।







