“गरुड़ पुराण” एक प्राचीन हिन्दू पुराण है जो मृत्यु के बाद के जीवन और आत्मा के गति के विषय में बताता है। इस पुराण में धर्म, अधर्म, कर्म, आध्यात्मिक उन्नति, पुनर्जन्म, नरक, स्वर्ग, और मोक्ष के विषय में चर्चा की गई है। इसमें मृत्यु के बाद के संस्कार, शव दाह संस्कार, पितृ पूजा, श्राद्ध, और अन्य आचार-विचार के विविध पहलुओं का विवरण भी है।
डॉ. महेश चंद्र जोशी द्वारा लिखी गई “गरुड़ पुराण” की विवरणिका भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों के रूप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने इस पुराण के विषयों को संगठित रूप में प्रस्तुत किया है ताकि पाठकों को आध्यात्मिक ज्ञान का उपयोगी स्रोत प्राप्त हो सके।
“गरुड़ पुराण” भारतीय संस्कृति के अद्भुत धार्मिक ग्रंथों में से एक है और इसका अध्ययन धार्मिक ज्ञान और आध्यात्मिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।







