कालभैरवरहस्यम्” (Kalabhairav Rahasyam) द्वारा अशोक कुमार गौड़ शास्त्री एक महत्वपूर्ण तांत्रिक और धार्मिक ग्रंथ है जो कालभैरव पूजा और उसकी रहस्यमय विधियों पर आधारित है। यह पुस्तक विशेष रूप से तांत्रिक साधना और शैव परंपरा में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए है।
मुख्य विषय:
कालभैरव का महत्व: पुस्तक में कालभैरव की पूजा और उनकी महत्वपूर्णता पर प्रकाश डाला गया है। कालभैरव, भगवान शिव के एक भयानक रूप के रूप में माने जाते हैं, और उनकी पूजा तंत्र और शैव परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रहस्यमयी विधियाँ: ग्रंथ में कालभैरव पूजा से जुड़ी रहस्यमयी विधियों, मंत्रों, और तंत्रिक प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इसमें पूजा के विशेष अनुष्ठान, और साधना की सही विधियाँ बताई गई हैं।
तांत्रिक साधना: पुस्तक में तांत्रिक साधना के विशेष पहलुओं की चर्चा की गई है, जो कालभैरव के स्वरूप और उनकी शक्तियों को समझने में सहायक हैं। इसमें तंत्रिक उपदेश और साधना के गुप्त तत्वों का विवरण शामिल है।







