शिल्पशास्त्रम् (Shilpshastram) श्री कृष्ण जुगनू द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो भारतीय शिल्पकला और स्थापत्य के शास्त्रीय पहलुओं पर आधारित है।
पुस्तक का विवरण:
लेखक: श्री कृष्ण जुगनू
भाषा: संस्कृत
मुख्य विषय: शिल्पकला, स्थापत्य, और वास्तु
पुस्तक की विशेषताएँ:
शिल्पकला के सिद्धांत: यह ग्रंथ शिल्पकला के विभिन्न सिद्धांतों और तकनीकों का गहन अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें मूर्तिकला, चित्रकला, और अन्य शिल्पकला विधाओं के शास्त्रीय नियम और परंपराओं का वर्णन किया गया है।
स्थापत्य और वास्तु: शिल्पशास्त्रम् में स्थापत्य और वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों, विधियों, और उनके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया है। भवन निर्माण, मंदिर निर्माण, और वास्तु के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत चर्चा की गई है।







