गौतमीयमहातन्त्रम् (Gautmiyamaha Tantra) श्रीनिवास शर्मा द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण तांत्रिक ग्रंथ है जो तांत्रिक परंपराओं और सिद्धांतों पर आधारित है। यह पुस्तक विशेष रूप से गौतमीय तंत्र के गूढ़ रहस्यों, सिद्धांतों, और साधना विधियों पर केंद्रित है।
पुस्तक का सारांश:
विषय वस्तु:
गौतमीयमहातन्त्रम् तांत्रिक साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इसमें तांत्रिक साधना, अनुष्ठान, और तंत्र के रहस्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है। यह पुस्तक गौतमीय तंत्र के सिद्धांतों और उनकी साधना विधियों पर प्रकाश डालती है।
विवरण और विश्लेषण:
पुस्तक में गौतमीय तंत्र के सिद्धांत, अनुष्ठान, और तांत्रिक विधियों का गहन विश्लेषण किया गया है। इसमें विभिन्न मंत्रों, साधना प्रक्रियाओं, और पूजा विधियों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
विशेष रूप से, गौतमीय तंत्र के सिद्धांतों और उनके उपयोग, साधना के लाभ, और तांत्रिक अनुष्ठानों के प्रभावों का विस्तृत विवरण प्रदान किया गया है।







