गन्धर्वतन्त्रम् (Gandharva Tantram) प्रोफेसर राधेश्याम चतुर्वेदी द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण तांत्रिक ग्रंथ है जो गन्धर्व तंत्र और उसकी विधियों पर केंद्रित है। यह पुस्तक विशेष रूप से गन्धर्व तंत्र की साधना, इसके सिद्धांत, और तांत्रिक अनुष्ठानों की जानकारी प्रदान करती है।
पुस्तक का सारांश:
विषय वस्तु:
गन्धर्व तंत्र तांत्रिक परंपराओं में एक विशेष स्थान रखता है और इसमें संगीत, कला, और तांत्रिक साधना का संगम होता है। इस पुस्तक में गन्धर्व तंत्र के सिद्धांत, अनुष्ठान, और साधना विधियों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
विवरण और विश्लेषण:
पुस्तक में गन्धर्व तंत्र की विभिन्न विधियों और उनकी प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण किया गया है। इसमें गन्धर्व तंत्र के मंत्रों, अनुष्ठानों, और पूजा विधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
विशेष रूप से, गन्धर्व तंत्र की साधना के लिए आवश्यक सामग्री, अनुष्ठान की तैयारी, और तांत्रिक प्रभावों का भी उल्लेख किया गया है।







