बाला त्रिपुरसुन्दरी (Bala Tripura Sundari) गोस्वामी प्रह्लाद गिरि द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण धार्मिक और तांत्रिक ग्रंथ है। यह ग्रंथ विशेष रूप से त्रिपुरसुन्दरी देवी की पूजा और साधना के संबंध में जानकारी प्रदान करता है।
पुस्तक का विवरण:
लेखक: गोस्वामी प्रह्लाद गिरि
शिर्षक: बाला त्रिपुरसुन्दरी
भाषा: हिंदी
प्रकार: धार्मिक-आध्यात्मिक ग्रंथ
पुस्तक की विशेषताएँ:
त्रिपुरसुन्दरी देवी की पूजा: इस ग्रंथ में त्रिपुरसुन्दरी देवी की उपासना, उनके मंत्र, पूजा विधियाँ और साधना के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई है। देवी त्रिपुरसुन्दरी तंत्र साधना की प्रमुख देवी मानी जाती हैं और उनकी पूजा का महत्व इस पुस्तक में स्पष्ट किया गया है।
तांत्रिक विधियाँ: पुस्तक में तंत्र विद्या की विभिन्न विधियों और मंत्रों का विवरण शामिल है, जो पाठकों को त्रिपुरसुन्दरी देवी की आराधना के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करता है।







