अथर्ववेदिय तन्त्र विज्ञानं (Atharvavediy Tantravigyan) पंडित देवदत्त शास्त्री द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह पुस्तक अथर्ववेद और तंत्र विज्ञान के संयोजन पर आधारित है, जिसमें वेदों और तंत्रशास्त्र के सिद्धांतों का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का विवरण (हिंदी में):
नाम: अथर्ववेदिय तन्त्र विज्ञानं
लेखक: पंडित देवदत्त शास्त्री
भाषा: हिंदी
विषय: अथर्ववेद, तंत्रशास्त्र, वेदांत
पुस्तक की विशेषताएँ:
अथर्ववेद और तंत्र: इस पुस्तक में अथर्ववेद के तंत्रशास्त्रीय पहलुओं का विश्लेषण किया गया है। इसमें वेदों और तंत्र के सिद्धांतों, विधियों और प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
वेदों का तंत्रशास्त्रीय दृष्टिकोण: ग्रंथ में अथर्ववेद के तंत्रशास्त्रीय दृष्टिकोण को स्पष्ट किया गया है, जिसमें वेदों के मंत्रों और तंत्र विधियों का संयोजन दर्शाया गया है।







