अष्टाङ्गशारीरम्” डॉ. पी. एस. वारियर द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो आयुर्वेद के शारीरिक विज्ञान पर आधारित है। इस पुस्तक में आयुर्वेदिक शारीर रचना और क्रिया विज्ञान के मौलिक सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
पुस्तक का विवरण:
- शारीर विज्ञान का गहन विश्लेषण: इस ग्रंथ में मानव शरीर की संरचना, उसके अंग-प्रत्यंग, धातु, मल, और विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण संस्कृत भाषा में किया गया है। यह विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
- मौलिक सिद्धांतों की व्याख्या: पुस्तक में आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांत जैसे त्रिदोष, सप्तधातु, पंचमहाभूत, और अग्नि की विस्तृत व्याख्या की गई है। यह सिद्धांत आयुर्वेदिक चिकित्सा के आधारभूत स्तंभ हैं और शरीर विज्ञान के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- संस्कृत श्लोकों का संकलन: “अष्टाङ्गशारीरम्” में संस्कृत श्लोकों का संकलन और उनकी व्याख्या दी गई है, जिससे पाठक शारीर विज्ञान के जटिल विषयों को आसानी से समझ सकते हैं।







