“कालिका पुराण” हिन्दू धर्म का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण पुराण है जो देवी काली की महिमा और महत्व के बारे में बताता है। इस पुराण में देवी काली के विभिन्न स्वरूपों, महाकाल के बारे में, और उनके अभिषेक के विविध विधानों का वर्णन है।
एस.एन. कहंडेलवाल द्वारा लिखित “कालिका पुराण” का विवरण हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक माना जाता है। उन्होंने इस पुराण के विषयों को गहराई से अध्ययन किया और उनकी विवरणिका में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को समाहित किया है।
“कालिका पुराण” में देवी काली की पूजा-अर्चना, मंत्र, उपासना, और ध्यान के विधान का वर्णन भी है। इसके अलावा, यह पुराण देवी काली के भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान, संजीवनी शक्ति, और मोक्ष के मार्ग का प्रदर्शन करता है।







